Tag: Poem
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Hindi Kavita, हिंदी कविता
शीर्षक: खुशियां जहां मिले तुम बटोर लो। खुशियां जहां भी मिले तुम बटोर लोचाहे परिस्थितियों कुछ भी हो हंस लो,लोग क्या बोलेंगे,क्या सोचेंग,यह सोचना तुम छोड़ दो।खुशियां जहां भी मिले बटोर लो। कुछ घड़ी के लिए ही सही,कोई तुम्हे से मिलना चाहे तो,तो मिल लिया करो,कुछ पल के लिए कोई सुकून दे रहा है,तो सुकून…
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कविता
शीर्षक: वक्त लगता है। वक्त लगता है, जिंदगी को समझने में,वक्त लगा है, ख़ुद को समझने में,वक्त लगता है, लोगों को समझने में,वक्त लगता है, अपनों को समझने में,वक्त लगता है, परिवार को समझने में,वक्त लगा है, किसी को अपना बनाने में,वक्त लगता है, रिश्तों को समझने में,वक्त लगता है, बुराई के पीछे अच्छाई को…