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हिंदी शायरी,Sad Shayari
मासूम चेहरे लेकर लोग कितने नकाब ओढ़ते हैं, सबसे ज्यादा चालाक वही होते हैं जो मासूम बनते हैं, और मासूमियत की आड़ में दिलों को लूटते हैं…!!
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Hindi Kavita,Hindi Poem
विषय जो भी हो,मन व्याकुल है।क्यों व्याकुल है पता नहीं। हर घड़ी सोचता है कुछ,क्यों सोचता है पता नहीं। घबराता है हर वक्त,क्यों घबराता है पता नहीं। नजरे ढूंढती है किसी को,क्यों ढूंढती है पता नहीं। पाना चाहता है किसी को,क्यों पाना चाहता है पता नहीं। मन पछताता है किसी बात से,क्यों पछताता है पता…
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हिंदी कविता, हिंदी साहित्य।
शीर्षक: मुझे अच्छा लगता है। किसी से निस्वार्थ भाव से प्रेम करना,किसी को अपनी बातों से हंसाना,किसी की खिशियों में शामिल होना,किसी के दुःख में भरोसा देना,किसी के प्रदेश से लौट कर घर आना। मुझे अच्छा लगता है। किसी से छोटी-छोटी खुशियां बांटना,किसी के आगे बच्चों जैसी हरकतें करना,किसी की उलझी हुई समस्या को सुलझाना,किसी…
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Hindi Quotes
उसने ने पूछा मुझसे कि मेरी याद नहीं आती है,मैंने उस वक्त ऐसे ही केह दिया कि नहीं, नहीं आती है,पर सच ये है कि बिना याद किये कोई रात नहीं जाती है,दिन तो भाग-दौड़ में गुजर जाता है, लेकिन रात गुजारी नहीं जाती है,वो खास है मेरे लिए ये बात हर किसीसे थोड़ी ना…
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हिंदी दिवस,Hindi Kavita,Hindi Quotes,Hindi poem
शीर्षक: हिंदी सिर्फ़ भाषा नहीं है। हिंदी हमारी संस्कृति है,हिंदी हमारी संस्कार है,हिंदी हमारी पहचान है,हिंदी हमारा गर्व है,हिंदी हमारी मन की भाषा है,हिंदी हमारी अहसास है,हिंदी हमारी माँ की भाषा है,हिंदी हमारी देश की शान है। हिंदी सिर्फ़ भाषा नहीं है। हिंदी दया है,हिंदी दुआ है,हिंदी दीदार है,हिंदी ममता है,हिंदी करुणा है,हिंदी बच्चों की…
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Hindi Poem, हिंदी कविता
कैसे होगा?तुमसे प्यार भरा बात प्रिय,मैं तुम्हारी इंतजार में,उल्लू के जैसा जागता रहा सारी रात प्रिय,और तुम घोड़ा बेच कर,सोती रही सारी रात प्रिय। कैसे होगा?तुमसे प्यार भरा बात प्रिय। दिन में कहां फुर्सत है,हम दोनों को प्रिय,सारा दिन इंतजार करता हूं,रात का प्रिय,जब रात होती है,तो तुम सो जाती हो प्रिय। कैसे होगा?प्यार भरा…
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Hindi kavita,Hindi Poem
शीर्षक: मैं भी जीना चाहता हूं। मैं भी जीना चाहता हूं,इन पंछियों की तरह |ना गरीबी का भय होताना अमीरी का घमंड होता,ना कोई अपना होता,ना कोई पराया होता। मैं भी जीना चाहता हूं,इन पंछियों की तरह। ना धन की चिंता होती,ना नौकरी की चिंता होती,ना घर – महल की चिंता होती,ना सीमा की रेखा…
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शायरी
दूर रहो या पास रहो, मगर तुम आज़ाद रहो।मेरे पास रहो या किसी और के पास रहो,मगर तुम कभी ना उदास रहो।