दूर रहो या पास रहो,
मगर तुम आज़ाद रहो।
मेरे पास रहो या किसी और के पास रहो,
मगर तुम कभी ना उदास रहो।
Hindi Poem,Hindi Shayari,Hindi Kavita, Hindi Sahity, Writer Prabhu
दूर रहो या पास रहो,
मगर तुम आज़ाद रहो।
मेरे पास रहो या किसी और के पास रहो,
मगर तुम कभी ना उदास रहो।