Hindi Poem

यहां सब परेशान है,
सब दुःखी है,
तुम जरा सा हुवे
तो क्या हुआ?
यहां सब रोते हैं,
तुम  ज़रा सा हुवे
तो क्या हुआ?
यहां अपनों से परेशान है सब,
तुम ख़ुद से  हुवे ,
तो क्या हुआ?
यहां टूटते हैं सपने सब के,
तुम्हारा टूटा तो क्या हुआ?
यहां छोड़ देते हैं लोग बीच  राहों में,
तुम्हें छोड़ दिया तो क्या हुआ?
यहां लड़ते हैं लोग अपनों से,
तुम ख़ुद से लड़े तो क्या हुआ?
यहां मिलकर बिछड़ जाते हैं लोग,
वो बिछड़ गया तो क्या हुआ?
अब छोड़ो इन सब बातों को,
फिर से बुनो नए ख्वाबों को,
संकल्प लो पूरे करो अपने ख्वाबों को।

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