Poem, Kavita

शीर्षक: महाशिवरात्रि
मैं नहीं कहता हूं कि,
यदि तुम प्रेम करती हो तो,
माँग लो मुझे महादेव से,
इस महाशिवरात्रि पर।

मैं नहीं चाहता हूं कि तुम,
मेरे दुःख और कष्ट भरे जीवन में शामिल हो,

मैं नहीं चाहता कि मेरे कारण तुम्हें,,
कोई परेशानी का सामना करना पड़े।

मैं नहीं चाहता कि तुम्हें दुःख हो,
नहीं चाहता हूं कि तुम बदनाम हो।

मैं नहीं चाहता कि तुम्हारी हंसती,
खिलखिलाती जीवन में ख़लल उत्पन्न करूं।

और हां, ये मैं नहीं कह रहा हूं,
मेरा अंतरात्मा कह रहा है।

इस महाशिवरात्रि,
मैं महादेव से प्रार्थना करता हूं कि,
हे महादेव उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण कीजिएगा,
उसे सफलता एवं खुशहाल जीवन प्रदान कीजिएगा।

जय जय शिव शंभू भोलेनाथ 👏👏

मेरा अनुभव

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